श्रीहरिकोटा से RISAT-2B का सफल प्रक्षेपण; खुफिया क्षमताओं को को मिलेगी और मजबूती

आरआईसैट सीरीज का पहला सैटेलाइट 20 अप्रैल 2009 को लॉन्च किया गया था। 300 किलोग्राम का सैटेलाइट X-बैंड सिंथेटिक एपर्चर का इस्तेमाल करता है जिसे इजरायल ऐरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने बनाया है।

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सुबह साढ़े 5 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट यानी RISAT-2B को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। 615 किलोग्राम का ये रॉकेट आकाश में भारत की खुफिया क्षमताओं को और मज़बूत करने में मददगार साबित होगा। RISAT-2B का इस्तेमाल फॉरेन साइंस और डिजास्टर मैनेजमेंट में किया जाएगा। इसके सफल लॉन्च के बाद वैज्ञानिकों ने एक दूसरे को बधाई दी।

इसरो ने बताया कि पीएसएलपी46 ने आरआईसैट-2बी को पृथ्वी की निचली कक्षा (लो अर्थ ऑर्बिट) में सफल तौर पर स्थापित किया। इस उपग्रह का भार 615 किलोग्राम है और इसे प्रक्षेपण के करीब 15 मिनट बाद पृथ्वी की निचली कक्षा में छोड़ा गया। यह सैटेलाइट खुफिया निगरानी, कृषि, वन और आपदा प्रबंधन सहयोग जैसे क्षेत्रों में मदद करेगा।

आरआईसैट सीरीज का पहला सैटेलाइट 20 अप्रैल 2009 को लॉन्च किया गया था। 300 किलोग्राम का सैटेलाइट X-बैंड सिंथेटिक एपर्चर का इस्तेमाल करता है जिसे इजरायल ऐरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने बनाया है। आरआईसैट-1 लॉन्च को RISAT-2 के लॉन्च पर प्राथमिकता देते हुए 2008 मुंबई आतंकी हमले के बाद टाला गया था। स्वदेश में विकसित रडार इमेजिंग उपग्रह, आरआईसैट-1 को 26 अप्रैल 2012 को लॉन्च किया गया था।

(राष्ट्रीय संभव सन्देश के व्हाट्सएप ग्रुप में ऐड होने के लिए Click यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब पर फ़ाॅलो भी कर सकते हैं.)

WhatsApp chat