News Update: अमृतसर रेल हादसा : पंजाब में एक दिन का राजकीय शोक, परिजनों को पांच-पांच लाख मुआवजा

चंडीगढ़। अमृतसर में दशहरा के मौके पर रावण दहन के कार्यक्रम के दौरान हुए रेल हादसे में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। अमृतसर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए घायलों में से 40 की हालत गंभीर बताई गई है। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। इसके अलावा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेश अरोड़ा और राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर भी घायलों का हाल जानने के लिए गुरु नानक अस्पताल पहुंच गए हैं। इस बीच पंजाब सरकार ने अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए पंजाब सरकार ने पांच-पांच लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है।
अमृतसर के पास शुक्रवार को रेलवे की पटरी के पास रावण दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने की घटना के तीन घंटे बाद भी जालंधर-अमृतसर मार्ग पर रेल सेवा पूरी तरह से बाधित रही। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ ट्रेनों का जहां रास्ता बदला गया है वहीं कई को जालंधर के पास रोककर रखा गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल का मंजर यह था कि मात्र पांच सैकंड के समय में वहां अनेक लोग रेलगाड़ी के नीचे कट गए और अनेक घायल हो गए। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। कम से कम 60 से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अनेक लोग घायल हो गये। जगह जगह मानव अंग बिखर गए जमीन खून से सन गई। घटनास्थल पर हताहतों और परिजनों की चीत्कार सुन कर वहां यह ²श्य देखने वाले हर किसी का दिल दहल गया। मृतकों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताये जाते हैं। बताया जाता है कि विजयदशमी पर्व पर वहां लोगों को रेल पटरी से हटाने के लिये स्थानीय प्रशासन और रेलवे की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री पीयूष गोयल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न दलों के नेताओं, राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों तथा दिल्ली समेत विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपालों एवं मुख्यमंत्रियों ने पंजाब के अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर आज हुए हादसे पर गहरा दुख जताते हुए इसके पीड़ति लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

घायलों को ब्लड की जरूरत
वहीं रेल हादसे में घायल हुए लोगों को गुरु नानक अस्पताल, सिविल अस्पताल, श्री गुरु रामदास अस्पताल सहित कई निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। लोगों से आग्रह है कि वे अस्पताल में घायलों को रक्तदान कर सकते हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। फिलहाल घटनास्थल पर लोग पहुंचकर अपनों की तलाश कर रहे हैं।

सरकारी कार्यालय शनिवार को बंद
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेल दुर्घटना के कारण शनिवार को राज्य शोक घोषित कर दिया गया है। इसके मद्देनजर शनिवार को राज्य में सभी सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रेल हादसे की राहत और पुनर्वास प्रयासों की निगरानी के लिए एक संकट प्रबंधन समूह की स्थापना की है। स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के नेतृत्व में गठित समूह में राजस्व मंत्री सुखविंदर सिंह सरकारिया और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरंजीत सिंह चन्नी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस बीच चार हेल्पलाइन जारी की गई हैं, जिन पर हादसे का शिकार हुए लोगों या घायलों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है- बीएसएनएल- 0183-2223171, बीएसएनएल- 0183-2564485, बीएसएनएल- 0183-2440024, बीएसएनएल- 0183-2402927

ड्राइवर ने कोशिश पर नहीं टला हादसा
ट्रेन के ड्राइवर ने जब ट्रैक पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को खड़े देखा तो उसने ट्रेन को रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन स्पीड़ इतनी अधिक थी कि वह ट्रेन को एकदम से नहीं रोक पाया। ड्राइवर ने बताया कि उस समय ट्रेन की गति 85 किमी प्रतिघंटा थी, ड्राइवर ने भीड़ देख कर उसने ब्रेक लगा गति 65 किमी प्रतिघंटे कर दी। 90 की गति से दौड़ रही ट्रेन को रोकने के लिए कम से कम 625 मीटर की दूरी चाहिए होती है, भीड़ और ट्रेन के बीच इतनी दूरी नहीं थी, कि एमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया जा सकता। ड्राइवर अगर एमरजेंसी ब्रेक लगाता तो ट्रेन पलट सकती थी और तब मरने वालों की संख्या और ज्यादा होती।
रेल बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने बताया कि ड्राइवर ने हार्न बजा कर लोगों को सावधान करने की बहुत कोशिश की, लेकिन पटाखों के शोर-शराबे में लोगों ने नहीं उस पर ध्यान नहीं दिया। पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और दशहरा कार्यक्रम की मुख्यमंत्री नवजोत कौर ने कहा कि रेलवे को ट्रेनों के लिए धीमी गति से चलने के निर्देश जारी करने चाहिए थे, जबकि रेलवे को ट्रेनों के लिए निर्देश जारी करने चाहिए थे, जबकि रेलवे का कहना है कि उसे कार्यक्रम की सूचना दी ही नहीं गई थी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने बताया कि आखिर क्यों पूरी कोशिश करने के बाद भी यह हादसा रोका नहीं जा सका।

सिद्धू ने किया पत्नी का बचाव
अश्विनी लोहानी ने बताया है कि ड्राइवर ने हॉर्न भी बजाया होगा। माना जा रहा है कि पटाखों और जश्न के शोर में आवाज सुनाई नहीं दी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि लेवल क्रॉसिंग वहां से काफी दूर थी। ऐसे में वहां बैठे अधिकारी चाहते भी तो कुछ नहीं कर पाते। हालांकि, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया है कि ट्रेन ने हॉर्न बजाया ही नहीं था। इस बारे में उत्तर रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी ने बताया है कि रावण का पुतला गेट्स से 70-80 मीटर की दूरी पर जलाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि जब पुतला जलकर गिरा तो लोग ट्रैक की तरफ भागे। इससे पहले उन्होंने कहा था कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना ‘स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला’ था। इस कार्यक्रम (रावण दहन) के लिए रेलवे ने कोई मंजूरी नहीं दी थी। ट्रैक पर इतनी भीड़ होने के बावजूद ट्रेन ड्राइवर द्वारा गाड़ी नहीं रोके जाने को लेकर सवाल उठने पर एक अधिकारी ने कहा कि वहां काफी धुआं था जिसकी वजह से चालक कुछ भी देखने में असमर्थ था और गाड़ी घुमाव पर भी थी।

आठ ट्रेनें रद्द और पांच का रूट बदला
डीएमयू ट्रेन से हुए हादसे के बाद रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अमृतसर और मनावाला के बीच हुए इस हादसे के बाद आठ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जबकि, पांच गाड़ियों का मार्ग बदला गया है। हादसे के बाद मेहसाणा-पालनपुर-अबू रोड को ब्लॉक कर दिया गया है। साथ ही कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। यहां 10 ट्रेनों को कुछ समय के लिए रोका गया है, तो वहीं पांच अन्य गाड़ियों का मार्ग छोटा किया गया है। अहमदाबाद-अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन 20 और 21 अक्टूबर को रद्द, गाड़ी संख्या 19412, अजमेर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन 21 और 22 अक्टूबर को रद्द, गाड़ी संख्या 79437, मेहसाणा-अबू रोड 20 और 21 अक्टूबर को पालनपुर-अबू रोड के बीच आंशिक रूप से रद्द, गाड़ी संख्या 79438, अबू रोड-मेहसन को 21 और 22 अक्टूबर को अबू रोड-पालनपुर के बीच आंशिक रूप से रद्द, गाड़ी संख्या 54803, जोधपुर-अहमदाबाद को 20 और 21 को अबू रोड-अहमदाबाद के बीच आंशिक रूप से रद्द, गाड़ी संख्या 54805, अहमदाबाद-जयपुर को 20 और 21 को अहमदाबाद-अबू रोड के बीच आंशिक रूप से रद्द, रेलवे ने अमृतसर में शुक्रवार को ट्रेन से हुए हादसे के पीड़ितों के परिजनों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि 01832223171 और 01832564485 नंबरों पर फोन करके हादसे के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

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