बेटे को खोजने डॉक्टर के घर जाकर शोर नहीं मचाते पिता तो शव नाले में बहा देता

 

  • पिता लापता बेटे को खोजते हुए डॉक्टर के घर पहुंचे, पूछने पर उसने ठीक से जवाब नहीं दिया
  • दोनों में विवाद हुआ, पुलिस सूचना पर पहुंची और घर की तलाशी में हत्या का खुलासा हुआ
  • डॉक्टर पर ड्राइवर की पत्नी से अवैध संबंध का आरोप, ब्लैकमेलिंग की बात भी सामने आई

होशंगाबाद (मध्यप्रदेश). होशंगाबाद के ड्राइवर हत्याकांड मामले में अब नया खुलासा हुआ है। कहा जा रहा है कि हत्या की बात ड्राइवर वीरेंद्र के पिता के शोर करने की वजह से सामने आई। दरअसल, वे अपने बेटे को खोजने के लिए निकले थे। ढूंढते हुए आरोपी डॉक्टर सुनील मंत्री के घर पहुंचे। दोनों में विवाद हो गया। आसपास के लोगों को पता चला। किसी ने पुलिस को जानकारी दे दी। पुलिस ने पिता के कहने पर घर की तलाशी ली। यदि तत्काल छानबीन नहीं होती तो डॉक्टर की साजिश शव के टुकड़ों को एसिड सहित नाले में बहाने की थी।

इटारसी के सरकारी अस्पताल में पदस्थ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मंत्री (55) ने सोमवार को अपने ड्राइवर वीरेंद्र पचौरी उर्फ वीरू (30) की होशंगाबाद के आनंदनगर स्थित अपने घर में हत्या कर दी। शरीर के कई टुकड़े कर गलने के लिए एसिड में डाल दिए थे। ऐसा आरोप है कि वीरू की पत्नी से डॉक्टर के अवैध संबंध थे और इसका फायदा उठाकर वह एक साल से डॉक्टर को ब्लैकमेल कर रहा था।

वीरू ब्लैकमेलिंग करता था
होशंगाबाद एसपी अरविंद सक्सेना ने बताया, “वीरू की ब्लैकमेलिंग से परेशान डॉक्टर ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली थी। वह दो दिन से एसिड की एक-एक लीटर की बोतलें खरीदकर ला रहा था। चार आरियां भी खरीद ली थीं। वीरू से नजदीकी बढ़ाने के लिए 3 फरवरी को डॉक्टर ने उसे ड्राइवर की नौकरी पर रख लिया था।” उन्होंने बताया कि 4 फरवरी को वीरू काम पर आया तो उसके दांत में दर्द था। डॉक्टर ने इलाज के बहाने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया और आरी से गर्दन काटकर अलग कर दी। इसके बाद धड़ को बाथरूम में ले जाकर छोटे-छोटे टुकड़े किए और एसिड भरे ड्रम में डालता रहा। मंत्री चूंकि हड्डी रोग विशेषज्ञ है और पोस्टमार्टम भी करते थे। इसलिए हड्डी कैसे कटती है और शरीर कैसे गलता है सारी बातें का ध्यान रखा।

वीरू की पत्नी और डॉक्टर की पत्नी भी साथ काम करती थीं

  • डॉक्टर की पत्नी की मौत हो चुकी है। घर में अकेले रहते थे। डॉक्टर के परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। दोनों मुंबई में रहते हैं।
  • ड्राइवर वीरेंद्र की पत्नी और आरोपी की पत्नी बुटीक चलाती थीं। इसी वजह से घर में ड्राइवर की पत्नी का आना-जाना था।
  • ड्राइवर की पत्नी को शिनाख्त के लिए डॉक्टर के घर लाया गया तो बोली- देख नहीं पाऊंगी पर तीन घंटे बैठी रही, आंसू तक नहीं आए। उसने बताया कि मुझे कुछ नहीं पता। मेरे पति ड्राइवर थे, कई जगह काम कर चुके है। डॉक्टर से उनकी क्या बात हुई थी, उसकी जानकारी नहीं है।

हड्डियां गलाता है सल्फ्यूरिक एसिड
रसायनविद, डॉ आरएन चौबे बताते हैं कि सल्फ्यूरिक एसिड H2SO4 गंधकाम्ल है। रसायनों की तेजी से क्रिया कराने और ठोस धातुओं को गलाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। हड्डियों में कैल्शियम मैग्नीशियम तत्व पाए जाते हैं, जिनके संपर्क में आने पर रसायनिक क्रिया करके सल्फ्यूरिक एसिड उन्हें सल्फेट बनाकर तोड़ देता है और हड्डियां गल जाती हैं। डायल्यूटेड यानी तनु अम्ल बाजार में आसानी से मिलता है।

मुंबई और ओडिशा में भी हुई थीं ऐसी ही वारदातें

  • मुंबई में पिंटू किशन शर्मा नाम के युवक ने 60 हजार के लिए दाेस्त गणेश विट्ठल कोलटकर की हत्या कर दी थी। पिंटू ने शव के कई टुकड़े किए और उसे टॉयलेट में बहा दिए। हड्डियां और सिर थैली में भरकर समुद्र में फेंक दिया था।
  • ओडिशा के गंजाम में बैंक कर्मचारी विष्णु प्रसाद गौड़ा (45) की अवैध संबंधाें के शक में डाॅक्टर ने हत्या कर दी थी। डाॅक्टर ने क्लीनिक में विष्णु काे मारा और शव के टुकड़े कर डाले। कुछ जमीन में गाड़ दिए कुछ टुकड़े नाले में फेंक दिए थे।
  • देहरादून में इंजीनियर राजेश ने पारिवारिक विवाद में पत्नी अनुपमा की हत्या कर दी थी। लाश फ्रीजर में छुपा दी। खून जमने पर आरी से टुकड़े-टुकड़े किए। टुकड़े पॉलीथिन में भर के मसूरी में पहाड़ी से नीचे फेंके।

(राष्ट्रीय संभव सन्देश के व्हाट्सएप ग्रुप में ऐड होने के लिए Click यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब पर फ़ाॅलो भी कर सकते हैं.)

WhatsApp chat