सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में 18 जवान शहीद, आईईडी से लैस कार में सवार था जैश का आतंकी

 

  • इस फिदायीन हमले में आईईडी ब्लास्ट के जरिए सैनिकों से भरी एक बस को निशाना बनाया गया
  • हमला जैश के आतंकी वकास कमांडो ने किया, वह मई 2018 में सेना के एनकाउंटर में बच निकला था
  • उड़ी की घटना के ढाई साल बाद कश्मीर में बड़ा हमला, उड़ी हमले में 19 जवान शहीद हुए थे

श्रीनगर. कश्मीर के पुलवामा में जम्मू से श्रीनगर जा रहे सीआरपीएफ की 70 गाड़ियों के काफिले पर आतंकियों ने फिदायीन हमला किया। हमले में 18 जवान शहीद हो गए, 20 घायल हैं। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश का आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर जवानों की बस से टकरा गया। पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल ने 2018 में जैश ज्वाइन किया था।

आईजी सीआरपीएफ जुल्फिकार हसन ने बताया कि कश्मीर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर धमाके के बाद की जांच पूरी कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है।

जैश ने की पुष्टि, वकास कमांडो ने किया हमला
जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता मुहम्मद हसन ने एक लोकल मीडिया से कहा कि हमारा संगठन सीआरपीएफ के काफिल पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेता है। इस फिदायीन हमले को आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने अंजाम दिया। यह पुलवामा के गुंडी बाग से ऑपरेट करता था।

वकास का घर जलाने के बाद जैश ने जून में किया था ग्रेनेड अटैक
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीनगर के बादशाह चौक में 2 जून 2018 को सुरक्षा बलों पर किए गए ग्रेनेड अटैक किया गया था। इस हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी। जैश ने अपने स्टेटमेंट में कहा था कि यह हमला सुरक्षा बलों की हाल के दिनों में की गई शर्मनाक हरकतों के विरोध में किया गया था। सुरक्षाबलों ने 31 मई की रात को हमारे गुंडी बाग के वकास कमांडो का घर जला दिया था। अगर हमारे मुजाहिद्दीन के घर को जलाया गया तो हम कश्मीर के हर आर्मी कैंप को जला देंगे। मई 2018 को सेना के इस एनकाउंटर में वकास बच निकला था।

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