ब्रिटिश सरकार ने भी माल्या के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दी

  • माल्या के पास अपील के लिए 14 दिन का वक्त
  • लंदन की अदालत ने 10 दिसंबर को ही प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी थी, कोर्ट ने ब्रिटिश सरकार को भेजा था मामला
  • भारत ने पिछले साल फरवरी में यूके से माल्या के प्रत्यर्पण की अपील की थी

लंदन. यूके के गृह मंत्री साजिद जाविद ने विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। जाविद ने सोमवार को माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर औपचारिक दस्तखत कर दिए। लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत ने 10 दिसंबर माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी थी। अदालत ने मामला ब्रिटिश सरकार को भेज दिया था।

माल्या ने देर रात ट्वीट कर कहा कि वह फैसले के खिलाफ अपील करेगा। माल्या के पास अपील के लिए 14 दिन का वक्त है। वह लंदन के हाईकोर्ट में अपील कर सकता है।

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट किया, “माल्या के प्रत्यर्पण का एक और रास्ता साफ हुआ। जबकि विपक्ष शारदा स्कैम के घोटालेबाजों के लिए रैलियां कर रहा है।”

माल्या पर भारतीय बैंकों के 9 हजार करोड़ बकाया

माल्या पर भारतीयों बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। वह मार्च 2016 में लंदन भाग गया था। भारत ने पिछले साल फरवरी में यूके से उसके प्रत्यर्पण की अपील की थी। भारत में फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर अप्रैल 2017 में स्कॉटलैंड यार्ड में माल्या की गिरफ्तारी हुई लेकिन वह जमानत पर छूट गया। उसके प्रत्यर्पण का मामला 4 दिसंबर 2017 से लंदन की अदालत में चल रहा था। इस पर 10 दिसंबर 2018 को फैसला आया था।

विशेष अदालत माल्या को भगोड़ा घोषित कर चुकी 
माल्या को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत पिछले महीने भगोड़ा घोषित कर चुकी है। भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून-2018 के तहत माल्या पहला अपराधी है जिसे भगोड़ा घोषित किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इसकी अपील की थी। माल्या की संपत्तियां जब्त करने को लेकर 5 फरवरी को सुनवाई होगी।

माल्या के खिलाफ 6 आरोप

क्रमांक आरोप जांच एजेंसी
1 मनी लॉन्ड्रिंग प्रवर्तन निदेशालय
2 लोन की रकम डायवर्ट सीबीआई
3 किंगफिशर एयरलाइंस में वित्तीय अनियमितताएं एसएफआईओ
4 शेयरों की राउंड ट्रिपिंग सेबी
5 सर्विस टैक्स नहीं चुकाया आयकर विभाग
6 विल्फुल डिफॉल्टर डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल, बेंगलुरु

माल्या पर इन 5 बैंकों का सबसे ज्यादा कर्ज

बैंक लोन (रुपए)
एसबीआई 1600 करोड़
आईडीबीआई बैंक 800 करोड़
पीएनबी 800 करोड़
बैंक ऑफ इंडिया 650 करोड़
बैंक ऑफ बड़ौदा 550 करोड़

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