मत भूलो लोगो तुम्हारा वजूद भी किसी नारी से है

मत भूलो लोगो तुम्हारा वजूद भी किसी नारी से है

बहन बेटियां की इज्जत करो
क्या फर्क पड़ता है हमारी है या तुम्हारी है
लड़के घूमे बन दरिंदे, बनाते हवस का शिकार
सिर्फ लडकिया ही क्यों चारदीवारी मे है
इज्जत करो बहन बेटियों की चाहे हमारी है या तुम्हारी है
बेटियों को बोझ न समझे माँ बाप
बोझ समझती क्यों दुनिया सारी है
बहन बेटियो की इज्जत करो
चाहे हमारी है या तुम्हारी है
बेटियां सबके नसीब में नही होती
ये भी शायद किसी जन्म की उधारी है
इज्जत करो बहन बेटियो की
चाहे हमारी है या तुम्हारी
राह चलते दाग न लगने पाये
बहन बेटियां मौका नहीं जिम्मेदारी है
इज्जत करो बहन बेटियो की
चाहे हमारी है या तुम्हारी है
इज्जत करो बहन बेटियों की चाहे हमारी है या तुम्हारी है
एक नन्ही परी जरूर मुझे देना भगवान
लेखक – ठाकुर कैलाश सिंह

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