पानी की कहानी : पानी का भविष्य

पानी का भविष्य

हो जाओ अभी से सावधान! नही तो ऐसा कहर आयेगा,
कायनात का हर शख्श, पानी की इक बूँद के लिए तरस जायेगा।
लोगों की जुबां पर होगा , बस पानी ही पानी।
इक बूँद दे दे मेरे अल्ला तो होगी तेरी मेहरवानी।
घबराओ मत; ऐसे ही हाल रहे तो
देर नही, जब ऐसा मंजर भी आयेगा।
कायनात का हर शख्श, पानी की इक बूँद के लिए तरस जायेगा।

आम इंसान मे लगी है होड़ पानी केा खर्च करने की।
वैज्ञानिकों केा लगी है पानी के अणुु को सर्च करने की।
कुछ ही दिन बाकी है दोस्तो जब,
पानी को सोने की तरह संवारा जायेगा।।
कायनात का हर शख्श, पानी की इक बूँद के लिए तरस जायेगा।

अभी चल रहें है नल, कोई गल ही नही।
पानी के बिना जी सके, दुनिया का कोई दल ही नही।
हालत तो पूँछ इक बार रेगिस्तान से आए प्यासे की,
सच कहता हूँ पानी के प्रति प्यार नजर आयेगा।।
नही तो ऐसा भी दिन आयेगा कि,
कायनात का हर शख्श, पानी की इक बूँद के लिए तरस जायेगा।

कर लो दरख्तों से प्यार, कर लो जीवन उद्धार ।
बचा लो इक बूँद जल को, बना लो आज को कल को।
वरना ऐसी दुर्दशा होगी पाक पृथ्वी की
जब इस धरा का हर शहर, मुर्दो का शहर नजर आयेगा।।
हो जाओ अभी से सावधान, नही तो ऐसा कहर आयेगा।।
कायनात का हर शख्श, पानी की इक बूँद के लिए तरस जायेगा।

अभी लगी है दो दलो मे दुश्मनी की आग।
उतावले है दोनो करने को इक दूसरे को खाक।
शायद यही पानी बुझा दे, दुश्मनी की आग को,।
सीचेगा शहर को गुलशन करेगा बाग को।
पानी ही होगा जो रिस्तो मे मिठास लायेगा
लोगो के बीच प्यार वेहिसाब लायेगा।।

-सचिन विश्वकर्मा

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