अपने नाम मे ही अनुपम पहचान समेटे ऊँचाहार

मैंऊँचाहारहुँ
अपने नाम मे ही अनुपम पहचान समेटे ऊँचाहार, रायबरेली के आखिरी छोर पर बसा वो स्थान है जो अपनी विभिन्न विशेषताओं के लिये सम्पूर्ण भारत में जाना जाता है, ऊँचाहार को माँ गंगा का मातृत्व स्नेह प्राप्त है इनके घाटों की भक्ति मई शाम पथिकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बिंदु है प्रातः काल की उषा जब गंगा की लहरों के हिचकोलों से होते हुए परावर्तित होती है तो उपस्थित जन मानस को अद्भुत अहसास कराती है नदी के उत्तरी तट बादछाह पुर घाट स्थित है यहीं पर बाबा भोलेनाथ का विशाल काय मंदिर अपनी ऐतिहासिकता समेटे हुए स्थित है यहाँ भगवान शंकर बूढ़े बाबा के नाम से जाने जाते है यहीं से कुछ ही दूरी पर महर्षि गोकर्ण नाथ जी की तपोस्थली है जिसे हम गोकर्ण नाथ घाट के नाम से जानते है स्थानीय भाषा मे लोग इसे गोकना नाम से संबोधित करते है यहाँ हर पूर्णमासी अमावस्या के दिन श्रद्धालुवों का तांता लगा रहता है लोग गंगा स्नान कर मां गंगा से मन वांछित फल प्राप्त करने की कामना करते है कार्तिक मास में लगने वाला मेला इस घाट की महत्वपूर्ण पहचान है । ऊँचाहार का किसान अपने खेंतो से लगभग सभी प्रकार के अन्न सब्जियां फल आदि उपजाता है आलू गेंहूँ और मेंथायल यहाँ की प्रमुख फसलें है। फलों की यदि हम बात करें तो आम यहाँ का प्रमुख उपजाऊ फल है ऐसा कोई गांव नही है जो प्रकति के इस अनोखे उपहार से वंचित हो । किसी भी क्षेत्र के विकाश में शिक्षा महत्वपूर्ण होती है शिक्षण संस्थाओं की यदि बात करें तो लगभग एक दर्जन इंटरमीडिएट कालेज और चार डिग्री कालेज शिक्षा व्यस्था सिरोधार्य किये हुए है राजकीय महाविद्यालय यहाँ का प्रमुख उच्च शिक्षा का केंद्र है अभियांत्रिकी की शिक्षा के लिए भी एक ITI जल्द ही खोला गया है । स्वास्थ की बात की जाए तो आम जन मानस के स्वस्थ लाभ हेतु निजी और सरकारी क्षेत्र के कई चिकित्सालय मौजूद है जिनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, त्रिपाठी चिकित्सालय, नारायण चिकित्सालय और NTPC चिकित्सालय आदि 24 वों घण्टे सातों दिन रोगियों की देखभाल करते है । बात बाजारों की न कि जाए तो बेमानी होगी जमुनापुर चौराहा, सवैया तिराहा बाबूगंज जगतपुर और ऊँचाहार प्रमुख बाजार है जहाँ से जरूरत का सामान सुलभ मात्रा में लोगों तक पहुँचता है । लजीज खाना हर किसी को पसंद है इसके लिये भी यहाँ खूब इंतजाम है बटोही रेस्टोरेंट लोगो की पहली पसंद है लखनऊ प्रयागराज मार्ग पर स्थित यह रेस्टोरेंट आने वाले हर यात्री की छुधा शांत करने का काम बाखूबी करता है पास में माननीय उच्च न्यायालय के उपयोगार्थ एक विश्रामालय भी स्थित है जो तहसील परिसर से महज चंद कदमो की दूरी पर है ।
इसके अलावा बटी होटल और बागवान ढाबा भी इस नगर की शान में चार चांद लगा देते है। आगे बढ़ने पर मस्जिद की अजान तो हनुमान मंदिर की घंटिया मधुर स्वर में गुंजन करती हुई हमे सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलने के लिए प्ररेरित करती है । बिजली उत्पादन के क्षेत्र में देश ही नही एशिया में अग्रणी स्थान रखने वाला तापीय विधुत प्लांट मौजूद है जो इस शहर का ध्रुवतारा है। भाषा और खान पान की तो बात ही निराली है जलेबी समोसा और टिकिया बतासा में तो लोगों का सारा दिन निकल जाता है और जब चाचा अवधी बतियाने लगते है तो क्या पूछना लगता है फूलों की वर्षा झरझरा के हो रही है। यातायात की सुविधा तो यहाँ ऐसी है कि पूरे भारतवर्ष में नही मिलेगी प्रयागराज लखनऊ मार्ग पर स्थित होने के कारण हर पांच मिनट में रोडवेज बस फर्राटे भरती हैं यहीं बगल में ऊँचाहार स्टेसन है जहाँ से एक तरफ कानपुर लाइन जाती है तो दूसरी लखनऊ प्रयागराज,ऊँचाहार एक्सप्रेस, गंगागोमती, नवचंदी त्रिवेणी इंटरसिटी आदि प्रमुख ट्रेनें लोगों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुँचाने का काम करती है 20 के चार पकौड़े इस स्टेसन की प्रमुख पहचान बन गया है। वर्तमान में लोकप्रिय जनप्रतिनिधि डॉ मनोज कुमार पांडेय जी समस्त प्रशासनिक व सामान्य व्यक्तियों, छात्रों के नेतृत्व में यह विधानसभा क्षेत्र उत्तरोत्तर विकास के मार्ग पर अग्रसर है ।

©कोमल नारायण त्रिपाठी
(शोधार्थी PhD )
रक्षा अध्ययन विभाग

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