Literature : कविताओं के जरिए बेहतर ढंग से व्यक्त हो सकता है सुख-दुख

साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद् मप्र शासन संस्कृति विभाग की ओर से मंगलवार को स्वराज भवन में निरंतर रचनापाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ बाल कहानीकार कान्ति शुक्ला की कृति ‘सपन मासूम नैनों के’ का लोकार्पण भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार व पद्मश्री रमेशचन्द्र शाह ने की। इस अवसर उन्होंने कहा कि जो दुख जो सुख कविता में व्यक्त हो सकती है वो और कहीं नही व्यक्त हो सकती है। हम अपनी आत्मा की ही खबर नहीं जानते। सबकी खबर रहती है पर अपनी खबर नहीं रहती तो कविता यह सब काम करती है इसलिए कविता की जरूरत है कविताओं के जरिए बेहतर ढग़ से सुख और दुख को व्यक्त किया।

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