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मौसम का पूर्वानुमान: उत्तर भारत में मिलेगी गर्मी से राहत, तीन अप्रैल से फिर बिगड़ेगी स्थिति

मौसम विभाग ने बुधवार को कहा कि लू का सामना कर रहे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को अगले दो दिन में कुछ राहत मिलेगी। तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, यह राहत कुछ समय की ही होगी। मैदानी इलाकों में तीन अप्रैल से फिर लू चलने की आशंका है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि गुजरात से हरियाणा तक क्षेत्रों के बीच दबाव भिन्नता रही। इसके अलावा राजस्थान से भी गर्मी स्थानांतरित हुई जो पहले से ही लू का सामना कर रहा था।. मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक और लू विशेषज्ञ नरेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान से भी गर्मी स्थानांतरित हुई और वहां के एक मौसम केंद्र ने इसी अवधि में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। उन्होंने कहा कि एक पश्चिमी विक्षोभ भी था, लेकिन यह मैदानी इलाकों में नमी नहीं लाया, इसलिए तापमान में वृद्धि हुई।

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा, ‘अगले दो दिन में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की संभावना है। जिससे आज (31 मार्च) से राजस्थान को लू से राहत मिलने की संभावना है।’

विभाग ने कहा कि 31 मार्च से एक अप्रैल तक राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में धूल भरी हवाएं (30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से) चलने की संभावना है।

दिल्ली में 76 साल में सबसे गर्म रहा बीता सोमवार
पिछले चार-पांच दिनों में देश के कई हिस्सों में, खासकर राजस्थान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को भीषण लू चली थी और यहां का तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। उल्लेखनीय है कि 76 साल में मार्च का यह सबसे गर्म दिन साबित हुआ।