सहरी और इफ्तार के दौरान रखें इन 6 बातों को ध्‍यान

रमजान के दौरान कुछ सावधानियां बरतने से ये महीना आपके लिए और भी खुशनुमा हो जाएगा। रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम समाज के लोग तीस दिन तक रोजे रखते हैं। रोजा रखने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह सूर्योदय से पहले सेहरी खाते हैं, पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद फिर शाम को रोजा खोलते हैं और इफ्तार करते है। शाम को इफ्तार के लिए कई तरह के लजीज पकवान बनाए जाते है। लेकिन इन दिनों रोजेदारों को अपने खान-पान का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए। साथ ही, इन दिनों दिन गर्मी का मौसम होने के कारण तेज धूप और गर्मी होती है। रोजेदारों को इससे भी बचना चाहिए ताकि उनको ज्‍यादा पसीना न आए और उनके शरीर में पानी और नमक की कमी नहीं हो। रोजेदारों को डीहाइड्रेशन के बचना चाहिए। रमजान में कई तरह की सावधानियां बरतने की जरूरी होती है ताकि स्‍वस्‍थ्‍य रह सके और आपकी तबीयत न बिगड़े। तो आइए जानें रोजे के दौरान किन चीजों को अपने खाने में शामिल करें की आप पूरे महिने सेहतमंद बने रह सकें।

फाइबर युक्त चीजें खाएं

सुबह सहरी के समय और शाम को इफ्तार करते समय कम चिकनाई वाले चीजे ही खाएं। इस दौरान दही, दाल, सूखा मेवा, हरी सब्जी, फल, कच्चा पनीर, दाल, दूध को अपने खाने में शामिल करें। रोजादार फाइबरयुक्त चीजों को अपने खाने में जरूर शामिल करें। रमजान के महीने में अपने खाने में प्रोटीन वाली चीजों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें, क्‍योंकि प्रोटीन खाने से कम भूख लगती है। इफ्तार के समय खाने खाते समय कम से कम पानी पीना पिएं, क्योंकि ज्यादा पानी पीने से खाना पचता नहीं है।

तली हुई चीजे न खाएं

तमाम लोग इफ्तार के समय तली हुई चीजे ज्‍यादा खाते है लेकिन जिससे बचना चाहिए। दोनों समय तरल पदार्थो का अधिक से अधिक सेवन करें ताकि गुर्दे स्वस्थ रहें। सहरी के समय आटे की रोटी, ताजे फल आदि खाना सही रहेगा। ध्यान रहे सहरी के समय ज्यादा चाय, कॉफी या सोडा न पीएं। साथ ही सहरी में बिरयानी, कबाब, पिज्जा, और फास्ट फूड्स न खाएं।

खजूर जरूर खाएं

इफ्तार के दौरान खजूर जरूर खाएं, क्‍योंकि खजूर को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता हैं। खजूर ऊर्जा का स्रोत होने के अलावा पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। खजूर में आयरन होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।

सोने से एक घंटे पहले कुछ न खाएं

रात को सोने से एक घंटे पहले खानपान बंद कर दें ताकि नींद अच्छी आए।

दवा लेने का समय बदलें

दिल की बीमारी, श्वांस, डायबिटीज के रोगी दवा लेने का समय बदल लें लेकिन दवा नहीं छोड़ें, ये घातक हो सकता है। ब्लडप्रेशर या सुगर हो तो उन्हें रोजा नहीं रखना चाहिए क्योंकि उस दशा में सुगर अनकंट्रोल हो सकता है। कमजोरी के शिकार लोग, खून की कमी के शिकार लोग और गर्भवती महिलाएं रोजा न रखें। साथ ही, जिनको दिल की बीमारी और मधुमेह की बीमारी है उनको कबाब, बिरयानी और चिकन नहीं खाना चाहिए।

धूप में बाहर निकलने से बचें

गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में रोजेदारों को धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर निकलना हो तो तौलिया बांधकर निकले। ज्यादा से ज्यादा समय कुलर या एसी में रहने की कोशिश करें।

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