नेपाल को प्राप्त है श्रीकृष्ण का आशीर्वाद, यहां बने हैं उनके असली पद्म चिह्न

 

भारत या देश से बाहर भी कई ऐसी जगहें हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यता प्राप्त है। इन जगहों पर या तो भगवान रूपी रूहों ने किसी समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी या फिर आज भी ऐसा माना जाता है कि प्रभु यहां आते हैं।

धार्मिक मान्यताओं से बंधी एक जगह नेपाल के काठमांडु में भी स्थित है। नेपाल को हिन्दू देश ही कहा जाता है, जिसका सबसे बड़ा कारण है यहां हिन्दू धर्म को दर्शाने वाले विभिन्न धार्मिक स्थलों का होना।

नेपाल के काठमांडु में स्थित एक जगह है कपूरधरा, ये जगह धार्मिक उद्देश्य से ही जानी जाती है। यहां कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जिनके दर्शन करने सालाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

इन्हीं पवित्र स्थलों में से एक जगह ऐसी है, जहां श्रीविष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के चरण चिह्न हैं। जी हां… कहा जाता है कि स्वयं मुरलीधर कभी यहां आए थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 5000 वर्ष पहले इसी जगह पर, जिसे आज कपूरधरा कहा जाता है, यहां सूखा पड़ गया था।

श्रीकृष्ण यहां पधारे और उन्होंने अपनी कमान से एक तीर जमीन की ओर छोड़ा, वह तीर जहां लगा वहां से जल का फुव्वारा फूट पड़ा।

वह पानी बेहद स्वच्छ था एवं कपूर की तरह ही बिल्कुल सफेद था। यही कारण है कि इस जगह को कपूरधरा के नाम से जाना जाता है।

आज कपूरधरा में वह स्थान है जहां श्रीकृष्ण के पवित्र पद्म चिह्न मौजूद हैं। लोग दुनिया के कोने-कोने से यहां आते हैं, और कृष्ण मुरारी का आशीर्वाद ले जाते हैं।

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