महाभारत सीखाती है किसी पर डिपेंड नहीं रहना चाहिए, वरना अक्ल काम नहीं करती और खो जाता है आत्मविश्वास

 

महाभारत के अनुसार किसी पर डिपेंड नहीं रहना चाहिए, वरना धीरे-धीरे अक्ल काम करना बंद कर देती है और आत्मविश्वास भी खत्म होने लगता है। कई लोगों की आदत होती है कि वो कोई भी काम खुद की अक्ल से या खुद के दम पर नहीं कर पाते, ऐसे लोग दूसरों से पुछ-पुछकर ही काम करते हैं। जिससे कई बार उनको नुकसान होता है और परेशानी भी आती हैं। महाभारत में दुर्योधन और मामा शकुनि इस बात का उदाहरण हैं। महाभारत में ऐसी ही कई ज्ञान की बाते बताई गई हैं जो हर इंसान के जीवन में कहीं न कहीं काम आती है। महाभारत की इन ज्ञान की बातों को समझने से पर्सनालिटी डेवलपमेंट भी होता है।

महाभारत में दुर्योधन निर्भर था मामा शकुनि पर

महाभारत में दुर्योधन हर काम के लिए अपने मामा शकुनि से सलाह अवश्य लेता था। इसी कारण दुर्योधन की बुद्धि ने काम करना बंद कर दिया और वह पूरी तरह से मामा शकुनि के इशारों पर ही चलने लगा था। शकुनि ने दुर्योधन से वही सब करवाया जो वह खुद चाहता था। शकुनि भीष्म पितामह के वंश को खत्म करना चाहता था और इसी वजह से वह हस्तिनापुर आया था।

दूसरों पर निर्भर होने से कम होता है हमारा आत्मविश्वास

दूसरों की सलाह से मदद मिलती है, लेकिन हर फैसले से पहले दूसरों से राय लेने की आदत पड़ जाए तो हम अपना आत्मविश्वास पूरी तरह खो सकते हैं। हम हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहने लगते हैं, ये बात परेशानियों की वजह बनती है। दूसरों से पूछ-पूछकर काम करने की आदत के कारण लक्ष्य के प्रति हमेशा संदेह बना रहता है। हमारा दिमाग यही सोचता रहता है कि काम में सफलता मिलेगी या नहीं। इसी संदेह के कारण कोई भी काम सहीं ढंग से पूरा नहीं हो पाता है। जब हम अपने लिए खुद निर्णय लेने लगते हैं तो काम करना बहुत आसान हो जाता है।

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