(ज्वालामुखी) साई बाबा का जन्म दिवस धूमधाम से मनाया गया

ज्वालामुखी। सत्य साईं बाबा के जन्म दिवस का आज 93 वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ज्वालामुखी में जिला कांगड़ा सत्य साई सेवा समिति के तत्वाधान में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। मधुर भजनों की ताल पर नाचते गाते उनके अनुयायी नगर से गुजरे तो पूरा महौल भक्तिमय हो गया। व काफी समय तक उनकी धूम रही। जिससे धर्मशाला शिमला व देहरा जाने वाले सडक़ मार्ग पर यातायात भी थम गया। साईं सेवा समिति के बड़ी तादद में सदस्य यहां सुपसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में जुटे व अपने गुरू को समर्पित यहां भजन कीर्तन किया। उसके बाद उनका काफिला मंदिर मार्ग से होता हुआ नगर से होकर गुजरा।
इस अवसर पर बड़ी तादाद में साई भक्त साईं महिमा का गुणगान करते हुये गुजरे। वाहनों के काफिले में सुदंर झांकियों के साथ हाथों में बैनर लिये यह लोग जा रहे थे। शोभा यात्रा ज्वालामुखी पहुंची व बाद में देहरा से सुनहेत होते हुये परागपुर तक गई। परागपुर में सरस्वती विद्या मंदिर में विशाल भजन कीर्तन का आयोजन किया गया था। जिसमें हजारों साई भक्तों ने साईं महिमा का गुणगान किया। ज्वालामुखी से लेकर परागपुर तक जगह जगह रास्ते में विभिन्न स्थानों पर शोभा यात्रा का स्वागत किया गया । सडक़ों के किनारे बड़ी तादाद में स्थानीय लोग झांकियों को देखने के लिये जुटे थे। झांकियों में साईं बाबा के जीवन पर प्रकाश डाला गया था।

साईं सेवा समिति के जिला अध्यक्ष शेष भूषण शर्मा ने बताया कि आज यहां बावा के 93 वें जन्म दिवस के अवसर पर देहरा जोन के करीब तीन हजार साईं भक्त शोभा यात्रा में जुटे हैं। जिनमें बड़ी तादाद में युवा हैं। उन्होंने कहा कि साँई बाबा अपने भक्तों को सच्चाई, ईमानदारी, शांति और सद्भाव जैसे जीवन तथ्यों के बारे में उपदेश देते थे। आज उनके बताये मार्ग पर हर साईं भक्त चल रहा है। व समाज के लिये उनके आर्दश आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि साईं सेवा समिति समाज कल्याण के कई प्रकल्प चला रही है। उन्होंने कहा कि साई बाबा का सिर्फ भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में उनके असंख्य अनुयायी हैं। आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक उनके भक्तों में शामिल रहे हैं। सत्य साईं बाबा का प्रभाव पूरी दुनिया में फैला हुआ है और भारत के अलावा विदेश में भी उनके लाखों भक्त हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों जब बावा का 100 वां जन्म दिन आयेगा, उस दिन लोग दो लाख लोगों के साथ दस हजार आठ हवन कुंड बनवाकर गायत्री यज्ञ करवायेंगे।
समिति के सदस्य अनिल वर्मा ने कहा कि वह सत्य साईं बावा के भक्त हैं, व उनके दिखाये मार्ग का अनुसरण करते हुये मानव सेवा माधव सेवा का संदेश आन जनमानस में फैला रहे हैं।

अनुराग सूद ने बताया कि सत्य साईं बाबा का जन्म पुट्टपार्थी में ही 23 नवंबर 1926 को हुआ। तब उनका नाम सत्यनारायम राजू था। एक दिन उन्होंने खुद को शिरडी के साईं बाबा के अवतार होने की घोषणा की। लोगों को जैसे ही इस बात की भनक लगी, बाबा के भक्तों का तांता लगने लगा। लोग दूर दूर से उनसे मिलने और आशीर्वाद लेने आने लगे। वक्त के साथ सत्य साईं बाबा दुनिया भर में मशहूर हो गए। उन्होंने कहा कि साई बाबा अपने भक्तों को सच्चाई, ईमानदारी, शांति और सद्भाव जैसे जीवन तथ्यों के बारे में उपदेश देते थे। आज उनके बताये मार्ग पर हर साईं भक्त चल रहा है। व समाज के लिये उनके आर्दश आज भी प्रासंगिक हैं।

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