सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ से बढ़ता है मनोबल

रिलिजन डेस्क. श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमानजी अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं। श्रीरामचरित मानस के अनुसार माता सीता ने हनुमानजी को अमर होने का वरदान दिया था। इसी वजह से श्रीराम के दूत बजरंग बली आज भी अमर माने जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार हनुमानजी अपने भक्तों के दुखों को दूर करके उन्हें सुखी और समृद्धिशाली बनाते हैं। इसी कारण आज इनके भक्तों की संख्या काफी अधिक है। मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। हनुमानजी की पूजा के लिए कुछ नियम बताए गए हैं, दर्शन करते समय इन नियमों का पालन चाहिए।

– हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ या सुंदरकांड का पाठ करना सबसे अच्छा तरीका है। इनके जाप से भक्त का आत्मविश्वास बढ़ता है।

– दोपहर में बजरंग बली को गुड़, घी, गेहूं के आटे से बनी रोटी का चूरमा अर्पित किया जा सकता है।

– सुबह के समय हनुमानजी प्रसाद के रूप में गुड़, नारियल, लड्डू चढ़ाया जाना चाहिए।

– हनुमानजी को शाम के समय फल जैसे आम, केले, अमरूद, सेवफल आदि का भोग लगाना चाहिए।

– बजरंग बली के श्रृंगार में या चोला चढ़ाते समय तिल के तेल या चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर लगाना चाहिए।

– हनुमानजी को लाल या पीले रंग के फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाने चाहिए। इन फूलों में कमल, गेंदा, गुलाब आदि विशेष महत्व रखते हैं।

– श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमानजी की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

– भगवान को भोग लगाने के बाद भक्त को प्रसाद अन्य भक्तों में वितरित करके स्वयं भी ग्रहण करना चाहिए।

– सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी के निमित्त विशेष पूजन-अर्चन करना चाहिए। इन दिनों में बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

– हनुमानजी की पूजा या मंदिर में शुद्धता एवं पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

– ध्यान रखें में हनुमानजी को केसर के साथ घिसा लाल चंदन का तिलक लगाना चाहिए

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