दुर्भाग्य का कारण बन सकती है घर में रखी बंद और टूटी घड़ी

वास्तु के अनुसार, घर में रखी हर एक चीज घर को तथा उसमें रहने वाले लोगों को प्रभावित करती है। दीवार घड़ी भी उन्हीं में से एक है।

 घड़ी आपके लिए तरक्की के रास्ते भी खोल सकती है और इसके विपरीत ये आपके लिए लगातार नुकसान और बुरे समय का कारण भी बन सकती है। यदि इससे जुड़ी वास्तु की कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जाए तो यह आपके बुरे समय को अच्छे में भी बदल सकती है। ये बातें इस प्रकार हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. घर में नहीं रखनी चाहिए बंद और टूटी घड़ी

    बंद व टूटी-फूटी घडियों को रखने से घर में पॉजिटिव एनर्जी कम होने लगती है और नेगेटिविटी बढ़ने लगती है। यही कारण है कि घर में बंद पड़ी या टूटी-फूटी घडियों को घर से तुरंत हटा देना चाहिए। क्योंकि इनसे दुर्भाग्य बढ़ता है।

  2. घर की दक्षिणी दीवार पर न लगाएं घड़ी

    वास्तु में घर की दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है। साथ ही ये दिशा ठहराव की है। इस दिशा में घड़ी लगाना प्रगति के अवसरों को धीमा कर सकता है। साथ ही ये दिशा घर के मुखिया के लिए होती है। इस दिशा में घड़ी लगाना मुखिया की हेल्थ के लिए अच्छा नहीं माना गया है।

  3. घर के दरवाजे पर भी न लगाएं घड़ी

    घर के मेन गेट या दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसा करना तनाव को बढ़ा सकता है। इससे घर से बाहर आते-जाते समय कई तरह की नेगेटिव एनर्जी का प्रभाव घड़ी पर पड़ सकता है, जिसकी वजह से आपको कई तरह ही परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

  4. इस दिशा में घड़ी लगाना होता है शुभ

    घड़ी को घर की पूर्व, पश्चिम या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। पूर्व दिशा में लगाई गई घड़ी घर का वातावरण शुभ और प्यार वाला बनाए रखती है। पश्चिम दिशा में घड़ी लगाने से घर के सदस्यों के नए अवसरों की प्राप्ति होती है और उत्तर दिशा में लगाई गई घड़ी घर को पैसों के नुकसान से बचाती है।

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