भारत ने आईसीसी विश्व कप-2019 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत के साथ किया आगाज

भारत ने आईसीसी विश्व कप-2019 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत के साथ अपने मिशन का आगाज किया है. टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा के नाबाद शतक की बदौलत भारत ने 6 विकेट से यह मुकाबला जीत लिया. हालांकि शुरुआती झटकों से एक वक्त पर भारतीय टीम के लिए 228 रनों का लक्ष्य भी मुश्किल नजर आ रहा था लेकिन रोहित ने एक छोर संभाले रखा और अंत में टीम के जीत दिलाकर ही लौटे. इस शतकीय पारी के लिए रोहित शर्मा को अपनी बल्लेबाजी शैली भी बदलनी पड़ी.

‘मैन ऑफ द मैच’ रोहित शर्मा ने जीत के बाद कहा कि उनकी कोशिश मुश्किल विकेट पर बेसिक्स पर बने रहने और साझेदारियां करने की थी. रोहित ने गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर 144 गेंदों पर 13 चौके और दो छक्कों की मदद से नाबाद 122 रनों की पारी खेली. विश्व कप में यह रोहित का दूसरा शतक है. रोहित ने कहा, “इस पिच में गेंदबाजों के लिए कुछ था, मैं अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेल सका. मुझे अपने शॉट्स खेलने में समय लगा, मुझे अपने कुछ शॉट्स भी रोकने पड़े. शुरुआत में मेरी कोशिश बॉल छोड़ने की थी, मैं अपने बेसिक्स पर बने रहना चाहता था और साझेदारियां करना चाहता था.”

एक छोर पर अकेले रोहित

टीम के उप-कप्तान रोहित ने कहा कि टीम के हर बल्लेबाज का अपना काम है. किसी दिन कोई चलता है तो किसी कोई और. रोहित के अलावा कोई अन्य बल्लेबाजी पचास रन भी नहीं बना सका. भारत ने शुरुआत में ही सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (8) और कप्तान विराट कोहली (18) के विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद के एल राहुल भी कुछ खास नहीं कर पाए और 26 रन की पारी खेलकर चलते बने. लेकिन दूसरे छोर पर खड़े रोहित शर्मा धीमी शुरुआत के बाद टीम के लक्ष्य तक ले जाने में सफल रहे.

रोहित ने इस बेजोड़ पारी के बाद कहा, “सभी बल्लेबाजों की अपनी जिम्मेदारी है. हम किसी एक के भरोसे नहीं रहते. यही इस टीम की पहचान है. हमने ऐसा ही किया, यह बड़ा टूर्नामेंट है और कभी कोई आगे आएगा तो कभी कोई.” रोहित ने इंग्लैंड के मौसम पर कहा, “हम इंग्लैंड में गर्मियों की शुरुआत में खेल रहे हैं. आज के पूरे दिन मौसम अच्छा था, ज्यादा पसीना नहीं आया. मुझे खेलने में मजा आया, हालांकि यह रोहित शर्मा की पहचान वाली पारी नहीं थी, लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए इस तरह की बल्लेबाजी करनी पड़ी.”

रोहित के अलावा मध्यक्रम में एम एस धोनी ने 34 रनों की कीमती पारी खेली और इसके बाद बल्लेबाजी करने आए हार्दिक पंड्या ने 15 गेंद बाकी रहते ही चौके के साथ टीम को जीत दिला दी. हार्दिक ने भी 7 गेंदो में विस्फोटक 15 रनों की पारी खेली. असल में जीत की नींव तो उन गेंदबाजों ने रख दी थी जिन्होंने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफ्रीकी टीम को सिर्फ 227 रनों पर समेट दिया.

फिरकी में फंसे अफ्रीकी

भारतीय गेंदबाजी ने इस जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई. टीम के लिए स्पिनर युजवेंद्र चहल ने सिर्फ 51 रन देकर 4 विकेट चटकाए. इसके अलावा बुमराह ने भी अफ्रीका के टॉप ऑर्डर को विफल करते हुए 35 रन देकर शुरुआती दो विकेट झटके. भुवनेश्वर कुमार और कुलदीप यादव के खाते में भी एक-एक सफलता आई है.

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