फेसबुक की वैल्यू आज 34 लाख करोड़ रु, 13 साल पहले याहू इसे 7100 करोड़ में खरीदना चाहती थी

 

  • फेसबुक की मौजूदा वैल्यू याहू की पेरेंट कंपनी वेरिजॉन कम्युनिकेशंस से दोगुनी
  • वेरिजॉन का मार्केट कैप 16 लाख करोड़ रु, इसने 2017 में याहू को खरीदा था
  • 4 फरवरी 2004 को लॉन्च हुई फेसबुक के 15 साल पूरे, 2006 में याहू इसे खरीदना चाहती थी

बिजनेस डेस्क. दुनियाभर में 232 करोड़ यूजर वाली फेसबुक (एफबी) ने सोमवार को 15 साल पूरे कर लिए हैं। इसकी शुरुआत कॉलेज स्टूडेंट्स की नेटवर्किंग के लिए हुई थी। आज यह 34 लाख करोड़ रुपए की कंपनी है। फेसबुक की लॉन्चिंग के 2 साल बाद याहू ने इसे 7100 करोड़ रुपए में खरीदने का ऑफर दिया था, लेकिन एफबी के फाउंडर मार्क जकरबर्ग को लगा कि याहू ने वैल्यू कम आंकी है, इसलिए डील करने से इनकार कर दिया था।

 

फेसबुक की मौजूदा वैल्यू आज याहू की पेरेंट कंपनी वेरिजॉन कम्युनिकेशंस से दोगुनी है। वेरिजॉन का मार्केट कैप 16 लाख करोड़ रुपए है। इसने 2017 में याहू को 34,080 करोड़ रुपए में खरीद लिया था।

फेसबुक: 15 साल में 15 बड़ी घटनाएं

  1. फरवरी 2004: 1 महीने में पॉपुलर हो गई फेसबुक
    मार्क जकरबर्ग, डस्टिन मोस्कोविट्ज, क्रिस हगेस और एडुआर्डो सेवेरिन ने हार्वर्ड के छात्रों के लिए 4 फरवरी 2004 को फेसबुक लॉन्च की। एक महीने बाद इसकी रीच येल, कोलंबिया और स्टैनफोर्ड के स्टूडेंट्स तक बढ़ा दी गई। फेसबुक जल्द ही अमेरिका के कॉलेज कैंपसों में पॉपुलर हो गई। 
  2. जून 2004: 355 करोड़ रुपए का पहला निवेश

    फेसबुक को आगे बढ़ाने के लिए जकरबर्ग ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी छोड़कर कैलिफॉर्निया के पालो अल्टो में किराए का घर ले लिया। जकरबर्ग ने ऑनलाइन म्यूजिक सर्विसेज फर्म नेप्सटर के सीन पार्कर को टीम में शामिल किया। इसी दौरान पेपल के को-फाउंडर पीटर थील ने फेसबुक में 355 करोड़ रुपए (5 लाख डॉलर) का निवेश किया।

  3. दिसंबर 2004: यूजर बेस 10 लाख हुआ

    फेसबुक ने द वॉल फीचर लॉन्च किया। जहां यूजर के दोस्त और फैन मैसेज पोस्ट कर सकें। यह फीचर काफी पसंद किया गया। 1 दिसंबर 2005 को फेसबुक ने ऐलान कर दिया कि उसका एक्टिव यूजर बेस 10 लाख हो चुका है।

  4. जुलाई 2006: याहू ने खरीदने का ऑफर दिया

    याहू ने 7100 करोड़ रुपए में फेसबुक का खरीदने का प्रस्ताव दिया। लेकिन, जकरबर्ग को फेसबुक की क्षमताओं और कीमत का अंदाजा था इसलिए उन्होंने याहू के ऑफर को अंडरवैल्यू बताकर खारिज कर दिया।

  5. अक्टूबर 2007: माइक्रोसॉफ्ट ने 1.6% शेयर खरीदे

    माइक्रोसॉफ्ट ने 1,704 करोड़ रुपए (24 करोड़ डॉलर) में फेसबुक की 1.6% हिस्सेदारी खरीद ली। इस निवेश के बाद फेसबुक की वैल्यू 15 बिलियन डॉलर हो गई थी। इसके एक महीने बाद फेसबुक ने बीकॉन ऐड प्रोग्राम लॉन्च किया। इसके जरिए एफबी यूजर की आदतों को ट्रैक किया जाने लगा। प्राइवेसी की चिंताओं की वजह से बीकॉन पर काफी विवाद हुआ था।

  6. मार्च 2008: पहली बड़ी नियुक्ति

    गूगल से शेरिल सैंडबर्ग को सीओओ नियुक्त किया। इससे पहले सैंडबर्ग गूगल में थीं। उन्हें राजनीति की समझ भी थी क्योंकि गूगल से पहले वो बिल क्लिंटन के समय यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट की चीफ ऑफ स्टाफ रह चुकी थीं।

  7. दिसंबर 2010: सोशल मीडिया की ताकत सामने आई

    ट्यूनीशिया में तानाशाही चलाने वाले जिने अल आबेदीन बेन अली को गद्दी से हटाने का संघर्ष शुरु हुआ। इससे पूरे अरब क्षेत्र में बदलाव की लहर फैल गई। लाखों लोग सड़कों पर उतर आए। मध्य-पूर्व में इस क्रांति को आगे बढ़ाने का श्रेय फेसबुक को भी जाता है।

  8. अप्रैल 2012: पहला बड़ा अधिग्रहण

    फेसबुक ने 7,100 करोड़ रुपए (100 करोड़ डॉलर) में इंस्टाग्राम को खरीद लिया। इस डील काफी अहम थी। क्योंकि, उन दिनों सोशल मीडिया साइट स्नेपचैट का असर बढ़ रहा था।

  9. मई 2012: टेक कंपनी का सबसे बड़ा आईपीओ

    फेसबुक ने आईपीओ के जरिए 1.13 लाख करोड़ रुपए (1,600 करोड़ डॉलर) की रकम जुटाई। यह किसी टेक्नोलॉजी कंपनी का सबसे बड़ा आईपीओ था। 18 मई 2012 को फेसबुक का शेयर अमेरिकी शेयर बाजार में 38 डॉलर के भाव पर लिस्ट हुआ।

  10. मई 2012: जकरबर्ग ने गर्लफ्रेंड से शादी की

    फेसबुक की लिस्टिंग के अगले ही दिन 19 मई 2012 को मार्क जकरबर्ग ने गर्लफ्रेंड प्रिसिला चान से शादी कर ली।

  11. सितंबर 2012: फेसबुक के शेयर में पहली बड़ी गिरावट

    फेसबुक के शेयर में बड़ी गिरावट आई। यह 18 डॉलर से नीचे फिसलकर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। मोबाइल यूजर्स से कमाई को लेकर चिंताओं की वजह से ऐसा हुआ था।

  12. फरवरी 2014: सबसे महंगा अधिग्रहण

    फेसबुक ने 1.34 लाख करोड़ रुपए (1,900 करोड़ डॉलर) में वॉट्सऐप को खरीद लिया। इसके 150 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं।

  13. जून 2017: यूजर बेस 200 करोड़ हुआ

    फेसबुक के मंथली एक्टिव यूजर्स की संख्या 200 करोड़ हो गई। यह किसी इंटरनेट कंपनी के लिए बड़ा आंकड़ा है।

  14. मार्च 2018: सबसे बड़ा विवाद

    2016 में डोनाल्ड ट्रम्प के चुनावी अभियान के लिए काम करने वाली फर्म कैंब्रिज एनालिटिका ने फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर का डेटा हासिल किया था। पिछले साल मार्च में इसका खुलासा हुआ था। इसकी वजह से दुनियाभर के लोगों का फेसबुक पर भरोसा कम हुआ। खुलासे के अगले कुछ महीनों में एफबी की यूजर संख्या घट गई थी। इस विवाद की वजह से फेसबुक के शेयर में भी भारी गिरावट आई थी।

  15. नवंबर 2018: जकरबर्ग ने सीईओ का पद छोड़ने से इनकार किया

    न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि फेसबुक ने एपल जैसी कंपनियों के दुष्प्रचार के लिए पीआर फर्म को हायर किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कंपनी की सीओओ शेरिल सैंडबर्ग को इसका पता था। इसके बाद जकरबर्ग पर सीईओ का पद छोड़ने का दबाव बढ़ गया। जकरबर्ग ने पहली बार कहा कि वो पद नहीं छोड़ेंगे।

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